मेरे शब्दों में गहराई का होना मेरा परिचय नहीं,
मेरे अंतर्मन की गहरी समझ का परिचायक है,
मेरे शब्दों का मेरे अंतर्मन से जुड़ाव होना ,
मेरे आत्मीयता का परिचायक है,मेरा व्यक्तित्व नही,
मेरा बाहरी रूप से शांत होना मेरे अंतर्मन की शांति है,
मेरा सरल और सहज व्यक्तित्व होना ,मेरे अंतर्मन की शुद्धि का प्रतीक है,जो मुझे प्रकृति से जोड़ता है,
मेरे मन की कठोरता परिचायक है कि शून्य हो जाना
प्रस्तर होने का स्वभाव है,चाहे वह पंचतत्व शरीर हो या हो पर्वत और पहाड़ , मेरा बिल्कुल बिंदुवत बातचीत
मेरे अंतर्मन के यथार्थता का परिचायक है,
मेरे शब्दों में गहराई होना मेरा परिचायक नहीं है !
मेरा अबोध बालपन में जीना ही मेरा परिचय है,
मेरा ममत्व से परिपूर्ण होना ही मेरा परिचायक है,
मेरे बहते अश्रु ही मेरे मनुष्य होने का परिचायक है,
मेरा बच्चा बने रहना ही मेरे अंतर्मन की शुद्धि का परिचायक है,मेरा मुझमे बने रहना ही मेरा परिचय है,
मेरे शब्दों में गहराई का होना मेरा परिचायक नहीं है,
मेरा गम्भीर होना मेरा परिचायक नहीं मेरा कर्तव्यबोध है,
मेरा मुझमें बचे रहना ईश्वरीय रचना का परिचायक है !
महिमा यथार्थ©
ब्लॉग का मुख्य उद्देश्य है कि लोग जाने की समाज में दरअसल किस तरह की मान्यता है ,क्या गलत हो रहा है ,हम इसके लिए क्या कर सकते है ,हम किस तरह व्यक्तिगत जीवन में परिवर्तन कर समाज में अपनी कुछ सहायता कर सकते है ,क्योंकि बदलाव हमेशा एक व्यक्ति के सोच से आरम्भ होता है और परिवर्तन में लोगो की सहायता और सहयोग से बड़े परिवर्तन किए जा सकते है ,हमनें सहयोग से आजादी ,अधिकार, स्वतंत्रता पायी है लेकिन अब इसको व्यक्तिगत स्तर से समाज में पाना अभी बाकी है अतः एक व्यक्ति का सहयोग भी बड़े परिवर्तन की ओर पहला कदम है।
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1 comment:
I think, it's very great for women
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